ऐअरब्रश मेकअप करने के फायदे… Elangeswari Murugan

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भले ही मेकअप ने आप की शक्लसूरत बदली हो पर आप स्क्रीन ब्यूटी जैसी रीफ्रैशिंग क्यों नहीं लग रहीं, अक्सर आप ऐसा सोचती होंगी, जानना चाहती होंगी कि स्क्रीन, पेज थ्री सैलिब्रिटीज और रैंप मेकअप व आप के मेकअप में क्या अंतर है? आप भी ग्लैमरस मेकअप की तरह बेस चेहरे पर लगाती हैं, फिर भी वह इतना आर्टिफिशियल क्यों लगता है? ऐसे तमाम सवालों का एक ही जवाब है, ऐअरब्रश मेकअप |

 चेहरे की रंगत निखारने के लिए, दागधब्बों को छिपाने के लिए हाथ या ब्रश से लगाया फाउंडेशन चेहरे पर एकसार नहीं लग पाता | नतीजतन, चेहरे पर मेकअप बेस व ब्लशर की परतें दिखाई देती हैं यानी चेहरा नैचुरल कम, बनावटी ज्यादा दिखता है | ऐसे में सचाई यह है कि ट्रैडिशनल मेकअप नैचुरल नहीं लग पाता | वहीँ ऐअरब्रश मेकअप में चेहरे पर हैवी मेकअप के बावजूद चेहरा नैचुरल लगता है | असल में ऐअरब्रश मेकअप एक किस्म का लिक्विड मेकअप है, जिस में फाउंडेशन से ले कर आईशैडो तक मशीन से लगाया जाता है | मेकअप आर्टिस्ट कहती हैं, “ इस मेकअप के लिए जरुरी है कि आर्टिस्ट का हाथ ऐअरगन पर तेजी से चले | आर्टिस्ट का हाथ जितने करीने व तेजी से ऐअरगन पर चलेगा, उतना ही नैचुरल व ग्लोइंग मेकअप होगा | ”

इस मेकअप की बेसिक ऐप्लिकेशन के बारे में एक्सपर्ट कहती हैं कि, “ यह मेकअप स्वयं तभी करना चाहिए जब आप ऐअरगन को ओपरेट व कंट्रोल करने से बखूबी परिचित हों |”

इस मेकअप में लिक्विड कौस्मैटिक्स का इस्तेमाल होता है यानी ऐअरगन के होज (मिनी टैंक) में कुछ बूंदें फाउंडेशन व ब्लशर की भरी जाती हैं | ध्यान रहे इस में साधारण फाउंडेशन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है अन्यथा यह ऐअरगन को जाम (चोक) कर देगा | ऐअरगन में वाटरबेस्ड फाउंडेशन या सिलिकौनबेस्ड फाउंडेशन और लिक्विड ब्लशर का इस्तेमाल किया जाता है | मेकअप शुरू करने से पहले चेहरे की क्लीजिंग और टोनिंग की जाती है और उस के बाद चेहरे की खामियों जैसे मुहांसों के निशानों, मस्सों, काले घेरों, दागधब्बों आदि को कंसीलर से छिपाया जाता है | फिर ऐअरब्रश मेकअप की शुरुआत की जाती है | यानी बेस, नोज शेपिंग, चीक मेकअप और आंखों के आसपास मेकअप लगाया जाता है | इस मेकअप में ऐअरगन का इस्तेमाल किया जाता है, जिस के 3 प्रमुख भाग हैं- गन, होज और कंप्रैसर होज में लिक्विड फाउंडेशन, ब्लशर और आईशैडो का इस्तेमाल किया जाता है | फाउंडेशन (लिक्विडबेस्ड या सिलिकौन) को स्प्रे करने के बाद सौफ्ट टिश्यू पेपर पर दोबारा स्प्रे करना बहुत जरूरी होता है क्योंकि प्रोडक्ट डालने पर पहले वाला दूसरे के साथ मिल जाता है यानी बदरंग हो जाता है | इससे बचने के लिए पहले स्प्रे को बाहर निकालना बहुत जरुरी होता है |

मेकअप कैसा भी हो उसे मेकअप रिमूवर से ही साफ करना चाहिए | साबुन से साधारण मेकअप उतर जाता है (त्वचा रूखीसूखी हो जाती है), लेकिन ऐअरब्रश मेकअप नहीं | इसे उतारने के लिए मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल करें | यदि मेकअप रिमूवर उपलब्ध न हो तो क्लीजिंग मिल्क का प्रयोग किया जा सकता है |

1. यह मेकअप चेहरे पर 10-12 घंटे तक टिका रहता है और साफ 2-3 मिनट में हो जाता है |

2. इसे बारबार टचउप करने की जरुरत नहीं होती |

3. यह मेकअप चेहरे पर लॉक हो जाता है यानी पसीना बेअसर |

4. इस से स्किन ऐलर्जी या रैडनेस (लाली) नहीं होती |

5. ऑयली स्किन और फोटोसैशन के लिए यह बेस्ट है |

6. यह पूरी तरह से हाइजीनिक है | कारण, इस में हाथों व ब्रश का इस्तेमाल नहीं होता |

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